ॐ नमः शिवाय

इतिहास

आद्य ज्योतिर्लिंग नागेश्वर: आशुतोष शिव का आठवां दिव्य धाम

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में औंढा स्थित आद्य ज्योतिर्लिंग नागेश्वर मंदिर अलंकृत विलोभनीय हेमाड़पन्तीशैली में निर्मित है। 60000 वर्ग फीट में विस्तारित शिवतीर्थ का प्रांगण 6 मीटर ऊंची प्राचीर से सुरक्षित है। जिसमें चार प्रवेश द्वार हैं। भव्य परिसर के मध्य में लगभग 7200 वर्गफीट क्षेत्र में फैले 75 फीट चौड़े 150 फीट लम्बे तथा 8 फीट ऊंचे काले प्रस्तर खण्डों के चबूतरे पर स्थित इस शिवालय के 60 फीट ऊपरी भाग पर कलश है।

संकीर्ण मार्ग से होते हुए सीढ़ियों से निज मंदिर के गर्भतल में उतरने पर गर्भगृह में स्वयंभू ज्योर्तिमय शिवलिंग का लगभग डेढ़ फीट ऊंचा अर्चा विग्रह प्रतिष्ठित है। साढ़े 25 फीट लम्बाई, साढे़ 22 फीट चौड़ाई और साढ़े 4 फीट ऊंचाई वाले चार स्तम्भों पर आधारित गर्भगृह की ऐसी व्यवस्था सर्वथा विस्मयकारी है। गर्भगृह में शिव और विष्णु का हरिहरेक्य ज्योतिर्मय स्वरूप विद्यमान है।

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आरती समय सारणी

प्रातःकाल- ५:३० बजे मंदिर खुल जाता है/मध्याह्न १२ बजे महाभोग और आरती/दोपहर ४ से ४:३० तक मध्याह्न स्नान/रात को ८:३० से ९:०० तक शयन आरती/ रात को ९:०० बजे मंदिर बंद हो जाता है/प्रातःकाल से दोपहर ४:०० बजे तक शिव जी को जल और दूध चढ़ाया जा सकता है

महाशिवरात्रि और श्रावण सोमवार को मंदिर की समय सीमा  बढ़ाई जाती है